Bhasini AI : भारत का लैंग्वेज ट्रांसलेटिंग एआई टूल 

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पिछले कुछ वर्षो में तकनीक बहुत तेज़ी से बढ़ती जा रही है, एक समय था जब मोबाइल फोन एक सपने की तरह लगता था, लेकिन आज हर घर में मोबाइल वी इंटरनेट देखने के लिए मिल जाता है, तकनीक इतनी तेज गति से बढ़ रही है जिसके बहुत से नुकसान वी फायदे आम इंसान को मिले है, परंतु बहुत सी ऐसी भी तकनीक है जो छोटे गावो के व्यक्ति के पास पहुंचने में देरी लग जाती है, या फिर उन तकनीकों को समझने का अभाव रह जाता है जैसे के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत तेज़ी से फेल रहा है जिसका इस्तेमाल कर के इंसान बहुत से कार्यों को और भी आसान तरीके से कर सकता है परंतु एआई को सीखने के लिए सही तरह की जानकारी भी होनी चाहिए, एआई को सीखना इसलिए भी जरूरी हो गया है क्यों के इसके गलत तरीके से इस्तेमाल कर के फ्रॉड किए जाने के मामले भी सामने आने लगे है।

टेक्नोलॉजी के साथ साथ कई ऐसी सरकारी योजनाएं होती है जो जरूरतमंदों तक पहुंच नही पाती, इन सब को भारत जैसे बड़े देश में एक एक के पास जाकर समझाना बहुत ही मुश्किल कार्य हो जाता है, लेकिन इन्ही कार्यों को एआई की मदद से आसान बनाया जा सकता है, इसको ध्यान में रख कर भारतीय सरकार ने एआई को गांव व छोटे शहरों तक पहुंचने के लिए काम कर रही है, जिस से हर व्यक्ति अपने हक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके। भसीनी एआई के जरिए सरकार देश के हर व्यक्ति को जुड़ने का प्रयास कर रही है आई जानते है भासिनी एआई ऐप क्या है और इस से क्या बदलाव आ सकते है।

भाषिणी एआई क्या है?

भाषिणी एआई एक ट्रांसलेटिंग एआई टूल है, जो किसी भी भाषा को अन्य भारतीय भाषा में ट्रांसलेट करने का काम करता है, यह गूगल ट्रांसलेट से बिलकुल अलग है, यानी के अगर किसी व्यक्ति को अंग्रेजी या हिंदी नही आती तो वह अपनी भाषा में लिख कर या बोलकर सवाल जवाब कर सकता है, और उसे अपनी भाषा में सुन सकता है।

Bhasini AI शहरी, ग्रामीण, एवं अंतर्राज्य लोगो के बातचीत को आसान बनाता है, इस एआई की मदद से किसी भी भाषा को रियल टाइम में ट्रांसलेट किया जा सकता है। हाल ही में तमिल कशी संगम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भाषिणी का प्रयोग किया था, भासीनि ऐप में अभी तक 12 भाषाएं अपडेट की गई है धीरे धीरे इसमें सभी भारतीय भाषाओं को जोड़ा जाएगा।

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Bhasini AI का उद्देश्य क्या है?

भाषिणी एआई के मुख्या उद्देश्य भारतीय लोगों को डिजिटल व् आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के बारे में जानकारी देना  नयी तकनीक और इन्टरनेट को अपनी भाषा में इस्तेमाल करना है 

भाषिणी कैसे काम करता है और इसके क्या फीचर है?

भाषिणी एआई को मोबाइल फ़ोन में डाउनलोड कर के इस्तेमाल किया जा सकता है, भाषिणी एआई डाउनलोड करने के बाद उसमे आपको 3 फीचर मिलेंगे जैसे के –

टेक्स्ट टू टेक्स्ट

टेक्स्ट टू टेक्स्ट की मदद से किसी भी क्षेत्र की भाषा को लिख कर दूसरी भाषा में परिवर्तित किया जाता है, यानी की अगर आपको किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से बात करनी है और आपको उनकी एवं उनको आपकी भाषा नही आती तो आप इसमें अपनी भाषा में लिख कर उसे ट्रांसलेट कर सकतें है।

वाइस टू वाइस 

बहुत से ऐसे भी लोग है जिन्हे लिखना नहीं आता है तो उन लोगो के लिए वाइस टू वाइस फीचर काफी मददगार साबित हो सकता है, इस फीचर की मदद वाइस नोट के जरिये भाषा को दूसरी भाषा के ऑडियो फॉर्मेट में ट्रांसलेट किया जा सकता है।

वाइस टू टेक्स्ट

वाइस टू टेक्स्ट में किसी भी बात को बोलकर अन्य भाषा में ट्रांसलेट किया जा सकता है और उसे टेक्स्ट फॉर्मेट में शेयर किया जा सकता है। जल्द ही इसे व्हाट्सएप के साथ कनेक्ट किया जा सकता है, जैसे की देखा जाता है व्हाट्सएप हर व्यक्ति को चलाना आता है या लगभग लोगो के पास व्हाट्सएप होता है, उसी में भासीनी को जोड़कर इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

भाषादान क्या है?

भाषादान एक ऐसी पहल है जिसकी मदद से कोई भी भारतीय अपने क्षेत्र की भाषा को लिख व् बोलकर भाषिणी एआई में कंट्रीब्यूट कर सकता है, जो भाषिणी को ट्रेन होने में मदद करेगा और इसे बेहतरीन बनाएगा, भाषादान में सुनो इंडिया, बोलो इंडिया, लिखो इंडिया, देखो इंडिया से आप अपनी भाषा दान कर सकते है।

भाषिणी एआई भारत के लिए ख़ास क्यों है?

जैसे के हम जानते है इन्टरनेट पर अधिकतर जानकारिया अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है, जिसकी वजह से बहुत से लोग उन जानकारियों का फायदा नही उठा पाते व् बहुत से ऐसी चीज़े है जिन्हें वह सिख नहीं पाते, इसी चीज़ को ख़त्म करने के लिए भाषिणी एआई एक बेहतरीन तरीके के काम कर सकती है और हर प्रकार की जाकारी सभी देश्वाशी तक पहुच सकती है.

निष्कर्ष

भाषिणी एआई का इस्तेमाल कर के प्रत्येक भारतीय इन्टरनेट पर उपलब्ध किसी भी जानकारी को अपनी भाषा में पढ़ व् समझ सकता है, इसी के साथ सरकारी योजना, नोकरिया, बिज़नस, बातचीत व् अन्य खबरों को अपनी भाषा में ट्रांसलेट कर के पढ़ सकते है। भाषादान कर के भाषिणी एप्प को ट्रेन होने में मदद कर सकते है। क्या भाषिणी एप्प भारतीय लोगों के लिए मददगार साबित होगा? आप की राय कमेंट में जरुर बताये, व् यह पोस्ट अपने दोस्तों तक पहुचाये।

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